मुंबई बोलनेका बम्बई नहीं,
बम्बई अंग्रेज बोलकर गया कहें।
मुंबई बस शहर है जनाब बम्बई जज़्बात है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
बम्बई अंग्रेज बोलकर गया कहें।
मुंबई बस शहर है जनाब बम्बई जज़्बात है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
सुबह का आग़ाज़ सूरज के आग़ाज़ से नहीं,
लोकल ट्रेन में चढ़कर होता है यहां कहें!
बम्बई की बात ही कुछ और है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
लोकल ट्रेन में चढ़कर होता है यहां कहें!
बम्बई की बात ही कुछ और है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
फ़ज़र की अज़ान, शंखनाद,
लोकल ट्रैन की आवाज़ सुबह सहर सुन्ना बहुत प्यारा लगे!
मेट्रो से ज़्यादा लोकल को तरजीह देते हैं यहां,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
तेज़ है बम्बई धीमी है बम्बई,
इसे ख़्वाबों का शहर दुनिया कहें।
रातें यहां जागती है दिन दोपहर ही नहीं है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
रईस है बम्बई ग़रीब हैं इसकी सड़कें,
बम्बई की सड़कों पर कई ज़िन्दगानियां बसे!
चुनौतियां भी वहीं है मौके भी वहीं है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
समन्दर का किनारा बनाता है,
इतना ख़ूबसूरत बम्बई का नज़ारा क्या कहें!
हमारे दिल को बड़ा प्यारा लगता है वो,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
जहाजों का आना जाना छोटे बेहिसाब है,
लहरें करती है इलाज हमारा दूर करके परेशानियां कहें!
मरीन ड्राइव सी फ़ेस जैसे समन्दर है हमदर्द हमारे,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
ये बम्बई है छोटे,
यहां वहीं दरिया रहे!
सब बदल क्यों न जाए,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
बम्बई की डबल डेकर बस बहुत है,
देने लंदन अमेरिका की खुशियां कहें!
एक अलग ही लुत्फ़ मिलता है हमें उसमें बैठकर,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
जब आए कोई यहां पहली बार,
बम्बई ने उसे बहुत सताया कहें!
उसे सीने से लगाया उससे मेहनत करवाके,
हम बम्बई की बात ही क्या कहें!
आसमान छूती इमारतों से ज़्यादा रौनक,
देती है बम्बई की बस्ती गलियां कहें।
बम्बई की न देखी हुई रौनक छुपी है बस्तियों में,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
छोटे मकानों में पलते बड़े ख़्वाब है,
उम्मीद परस्त है यहां की बस्तियां कहें!
करोड़ों ख़्वाब बिकते है तक़दीरे खुलती लाजवाब है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
आज कल की महंगी गाड़ियों से ज़्यादा,
दिलचस्प है पूरानी एंटीक पीस गाड़ियां कहें!
आसान है अब भी उसका दिखना मगर मुश्किल ख़रीदना,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
फ़िल्मी हस्तियां भी मुहम्मद अली रोड से ख़रीदी करते हैं,
मॉल तो मोह माया कहें।
मॉल से ज़्यादा अमीर ग़रीबों की भीड़ गली बाज़ार में है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
मॉल तो मोह माया कहें।
मॉल से ज़्यादा अमीर ग़रीबों की भीड़ गली बाज़ार में है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
हैं वैसे होटल बड़े मशहूर यहां नाम से,
पर वड़ा पाव भेल सेव रगड़ा पूरी चाट की बात ही क्या कहें!
रौनक और बढती है जब खाऊ गली में भीड़ लगती है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
पर वड़ा पाव भेल सेव रगड़ा पूरी चाट की बात ही क्या कहें!
रौनक और बढती है जब खाऊ गली में भीड़ लगती है,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
देश परदेस से घूमने आते है यहां,
कारखाने या मिल के मालिकों का डेरा है यहां कहें।
बॉलीवुड फ़िल्मी हस्तियों का बसेरा है यहां,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
ईद दिवाली गणेशोत्सव क्रिसमस नवरात्री होली,
सारे मिलकर मनाते हैं साथ त्योहार यहां कहें।
कोई दोस्ती त्योहार में नहीं लाता बीच में मज़हब,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
मुंबा देवी जाने के लिए उतरना पड़ता है मस्जिद स्टेशन,
कमाल का शहर है बम्बईया कहें!
हाजी अली जाने के लिए उतरना पड़ता है महालक्ष्मी स्टेशन,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
कमाल का शहर है बम्बईया कहें!
हाजी अली जाने के लिए उतरना पड़ता है महालक्ष्मी स्टेशन,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
है बाहर से आए हुए लोगों के ज़हन में
ज़ात परस्ती यहां कहें।
भाई बंटाय बच्ची भिडू हाथ मिलवा लेते है यहां सबके,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
ज़ोरदार बारिश कर देती है पूरा शहर बंद,
बाढ़ ने भी मुंबई को बेहिसाब था दहलाया कहें।
बम्बई वासियों का हौसला लाजबाब रहा,
बम्बई की बात ही क्या कहें।
बाढ़ ने भी मुंबई को बेहिसाब था दहलाया कहें।
बम्बई वासियों का हौसला लाजबाब रहा,
बम्बई की बात ही क्या कहें।
कोई दिलदार कोई ख़ुदग़र्ज़,
यहां के लोग हैं कोई बढ़िया कोई घटिया कहें।
मददगारों की कमी नहीं है यहां,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
यहां के लोग हैं कोई बढ़िया कोई घटिया कहें।
मददगारों की कमी नहीं है यहां,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
लोकल ट्रेन की शाम की भीड़ ने,
ज़िन्दगी के भी धक्के खाना सिखाया कहें!
हर मुताबिक़ रहना आएगा बम्बई की भीड़ का हिस्सा बनके,
बम्बई की बात ही क्या कहें!
ज़िन्दगी के भी धक्के खाना सिखाया कहें!
हर मुताबिक़ रहना आएगा बम्बई की भीड़ का हिस्सा बनके,
बम्बई की बात ही क्या कहें!